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मानवता की मिसाल: सरपंच नीलिमा खलखो के मार्गदर्शन में अज्ञात बुजुर्ग का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार, पुलिस टीम ने निभाई संवेदनशील भूमिका


RK GLOBAL NEWS राजकुमार विशेष रिपोर्ट फरसाबहार, जशपुर। ग्राम पंचायत फरसाबहार में मानवता और सामाजिक दायित्व का एक सराहनीय उदाहरण देखने को मिला। लगभग 65 वर्षीय एक अज्ञात बुजुर्ग, जो लंबे समय से फरसाबहार के महात्मा गांधी चौक के समीप सड़क किनारे रह रहे थे और जिनके पैर में गंभीर घाव भी था, उनका शव सड़क किनारे मिलने से क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया।

नीलिमा खलखो 2टूक
घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम पंचायत फरसाबहार की सरपंच नीलिमा खलखो ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को समझते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन में पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों ने पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रशासन और पुलिस से समन्वय स्थापित किया ताकि मृतक का सम्मानजनक अंतिम संस्कार सुनिश्चित हो सके।

पंचायत प्रतिनिधि
इस कार्य में पंचायत प्रतिनिधि अरुण खलखो (पंच), देवकुमार, गोपाल साय, विनोद सहित अन्य ग्रामीणों ने सक्रिय सहयोग दिया। सभी ने मिलकर मानवता का परिचय देते हुए अंतिम संस्कार की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

थाना फरसाबहार से समरेन्द्र सिंह
घटना की सूचना पर थाना फरसाबहार से समरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मी भीमसेन, नीरज तिर्की, ईश्वर तथा सुखचंद पैंकरा सहित पूरी टीम ने कानूनी प्रक्रिया को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ पूरा कराया।
पुलिस द्वारा आवश्यक पंचनामा एवं अन्य वैधानिक कार्यवाही पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के उपरांत सभी नियमों का पालन करते हुए अज्ञात बुजुर्ग का सम्मानपूर्वक दफन कराया गया। पूरी प्रक्रिया में पंचायत और पुलिस के बीच उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला।

स्थानीय लोगों ने कहा कि समाज में ऐसे अवसरों पर सबसे बड़ी पहचान इंसानियत की होती है। किसी अज्ञात व्यक्ति के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाना आसान कार्य नहीं होता, लेकिन ग्राम पंचायत फरसाबहार और पुलिस टीम ने यह दिखाया कि मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है।


ग्रामीणों ने सरपंच नीलिमा खलखो की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी ही नहीं निभाई, बल्कि एक सामाजिक दायित्व का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। पुलिस टीम की भी लोगों ने प्रशंसा की कि उन्होंने पूरी प्रक्रिया को सम्मानजनक और कानूनसम्मत तरीके से संपन्न कराया।

कुछ लोगों का दावा
इस घटना के संदर्भ में कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र के कुछ जनप्रतिनिधि, जिनमें बीडीसी और डीडीसी सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं, मौके पर उपस्थित नहीं हुए। यदि ऐसा है, तो यह जनप्रतिनिधियों के लिए आत्ममंथन का विषय है कि संकट की घड़ी में जनता उनके सहयोग और संवेदनशील उपस्थिति की अपेक्षा करती है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित जनप्रतिनिधियों का पक्ष सामने आना शेष है।
यह घटना एक संदेश देती है कि जनप्रतिनिधित्व केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में समाज के सबसे कमजोर और असहाय लोगों के साथ खड़ा होना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
मुख्य बिंदु
लगभग 65 वर्षीय अज्ञात बुजुर्ग का शव महात्मा गांधी चौक के पास मिला।
मृतक लंबे समय से सड़क किनारे रह रहा था तथा उसके पैर में गंभीर घाव था।
सरपंच नीलिमा खलखो के मार्गदर्शन में तत्काल राहत एवं अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई।
पंचायत प्रतिनिधि अरुण खलखो, देवकुमार, गोपाल साय, विनोद सहित अन्य लोगों ने सहयोग किया।
थाना फरसाबहार के समरेन्द्र सिंह एवं पुलिस टीम—भीमसेन, नीरज तिर्की, ईश्वर और सुखचंद पैंकरा—ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कराई।
पोस्टमार्टम के बाद मृतक का सम्मानपूर्वक दफन कराया गया।
स्थानीय लोगों ने पंचायत और पुलिस की मानवतापूर्ण पहल की सराहना की।


कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचे; इस पर उनका पक्ष आना बाकी है।
यह घटना बताती है कि सच्ची जनसेवा वही है, जिसमें पद से अधिक मानवता को प्राथमिकता दी जाए।

Rajkumar