

जशपुरनगर, राजकुमार की रिपोर्ट 20 अप्रैल 2026।
जिले को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आयोजित एनकार्ड समिति की बैठक में नशे के कारोबार पर रोक लगाने, तस्करी पर निगरानी बढ़ाने और जनजागरूकता को तेज करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर श्री व्यास और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह ने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज की भागीदारी भी जरूरी है।
हेल्पलाइन नंबर जारी, नशा मुक्ति पर जोर
नशे से जूझ रहे लोगों की सहायता के लिए नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 और 14446 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
तस्करी और अवैध बिक्री पर कड़ी निगरानी
प्रशासन ने मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्त निगरानी रखने और नियमित चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
स्कूलों के 100 मीटर दायरे में गुटखा-तंबाकू बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
कोटपा एक्ट के तहत लगातार कार्रवाई
नियम तोड़ने वाले दुकानदारों पर गुमास्ता एक्ट के तहत भी कार्रवाई
मेडिकल स्टोर्स और ढाबों की जांच

ड्रग इंस्पेक्टर को मेडिकल स्टोर्स की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं ताकि अवैध नशीली दवाइयों की बिक्री रोकी जा सके। सभी मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए जाएंगे।
वहीं, आबकारी विभाग को हाईवे के होटल-ढाबों में अवैध शराब बिक्री पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी कर्मचारियों पर भी सख्ती
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी नशे की लत में पाया जाता है, तो उसे अनिवार्य रूप से एक माह नशा मुक्ति केंद्र में उपचार लेना होगा।
समाज की भागीदारी से ही सफलता
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि यह अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही सफल होगा। यह पहल जशपुर को नशामुक्त और सुरक्षित समाज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
👉 कुल मिलाकर, प्रशासन ने नशे के कारोबार पर लगाम लगाने और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए एक साथ सख्ती और संवेदनशीलता—दोनों पर जोर दिया है।



