- फरसाबहार एपेक्स बैंक में ‘सेटिंग’ का खेल? ग्राहकों को 20 हजार की सीमा, लेकिन कुछ खातों में लाखों का लेनदेन!

फरसाबहार, जशपुर। राजकुमार की विशेष रिपोर्ट RK GLOBAL NEWS
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (एपेक्स बैंक) शाखा फरसाबहार एक बार फिर सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है। बैंक के कुछ ग्राहकों का आरोप है कि आम खाताधारकों को प्रतिदिन केवल ₹20,000 तक निकासी की बात कही जाती है, जबकि कुछ विशेष खातों में इससे कहीं अधिक राशि के लेनदेन होने की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है।
प्रमुख सवाल जो उठ रहे हैं
🔹 क्या सभी खाताधारकों के लिए नियम एक समान हैं?
यदि बैंक द्वारा प्रतिदिन ₹20,000 निकासी की सीमा निर्धारित है, तो कुछ खातों से इससे अधिक राशि का आहरण कैसे हो रहा है?
🔹 नेफ्ट (NEFT) में देरी क्यों?
ग्राहकों का आरोप है कि दिनभर नेफ्ट कराने आने वालों को शाम 6 बजे के बाद प्रक्रिया होने की जानकारी दी जाती है, जबकि कुछ मामलों में तत्काल नेफ्ट कर दिए जाने की बात भी सामने आई है।
🔹 क्या प्रभावशाली लोगों को मिल रही विशेष सुविधा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि बैंक के बाहर शाम के समय कुछ विशेष व्यक्तियों की आवाजाही और वाहनों की मौजूदगी कई सवाल खड़े करती है।
🔹 शाखा प्रबंधक का संपर्क नंबर क्यों नहीं?
जानकारी के अनुसार जब शाखा प्रबंधक का संपर्क नंबर मांगा गया तो ग्राहकों को कैशियर का नंबर उपलब्ध कराया गया। इससे पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
🔹 15 दिन के लेनदेन की जांच जरूरी
क्षेत्र के लोगों की मांग है कि एसडीएम एवं संबंधित अधिकारी बैंक के पिछले 15 दिनों के लेनदेन की जांच कराएं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन खातों में निर्धारित सीमा से अधिक राशि का आहरण हुआ और किन परिस्थितियों में हुआ।
जनता का आरोप
लोगों का कहना है कि बैंक में ग्राहकों को स्पष्ट जानकारी देने के बजाय अलग-अलग जवाब दिए जाते हैं। यदि सभी के लिए ₹20,000 की सीमा है तो नियमों का पालन सभी पर समान रूप से होना चाहिए। अन्यथा यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कहीं बैंक में “सेटिंग” के आधार पर सुविधाएं तो नहीं दी जा रहीं।
प्रशासन से मांग
फरसाबहार क्षेत्र के नागरिकों ने एसडीएम, जिला सहकारी बैंक प्रबंधन एवं उच्च अधिकारियों से मांग की है कि बैंक के लेनदेन, नकद भुगतान और नेफ्ट प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाए तो जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाय
नोट: यह समाचार स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों एवं उठाए गए सवालों पर आधारित है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित बैंक प्रबंधन एवं प्रशासनिक जांच की आधिकारिक रिपोर्ट आवश्यक होगी।













