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पंचनामा के बाद भी ट्रैक्टर में भरकर ले गए 40 बांस! क्या सरकारी आदेश को खुली चुनौती? गरीब दीनदयाल कण्डरा न्याय की आस में


 

पंचनामा के बाद भी ट्रैक्टर में भरकर ले गए 40 बांस! क्या सरकारी आदेश को खुली चुनौती? गरीब दीनदयाल कण्डरा न्याय की आस में

फरसाबहार, जशपुर |राजकुमार की विशेष रिपोर्ट RK GLOBAL NEWS 

फरसाबहार में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अत्यंत गरीब दीनदयाल कण्डरा (58 वर्ष) ने आरोप लगाया है कि उनकी बाड़ी में वर्षों से लगे 12 वर्ष पुराने 40 बांस को बिना अनुमति काट दिया गया। सबसे गंभीर बात यह है कि पटवारी, सरपंच एवं ग्रामीणों द्वारा पंचनामा तैयार कर बांस ग्राम पंचायत की सुपुर्दगी में दिए जाने के बाद भी अगले दिन ट्रैक्टर में भरकर ले जाया गया।

घटनाक्रम

1. दीनदयाल कण्डरा पिछले लगभग 38 वर्षों से उसी स्थान पर निवास कर रहे हैं।

2. परिवार की आजीविका का मुख्य साधन बांस का काम है।

3. 25 जून 2026 को कथित रूप से 2 पुरुष एवं 2 महिलाओं ने बिना अनुमति बांस काट दिए।

4. विरोध करने पर भी बांस काटना जारी रखा गया।

5. सूचना मिलने पर पटवारी, सरपंच एवं ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया।

6. पंचनामा में लगभग 40 नग बांस ग्राम पंचायत फरसाबहार के सरपंच को सुपुर्द किए गए।

7. आरोप है कि 26 जून 2026 की शाम उन्हीं बांसों को ट्रैक्टर में लादकर ले जाया गया।

8.जब बांस को ले जा रहे थे तब मैं वीडियो बना रही थी तब मुझे पत्थर से मारा तो मैं घर के अंदर घुस गई 

 

उठ रहे बड़े सवाल

क्या पंचायत की सुपुर्दगी में रखी सामग्री को बिना अनुमति ले जाना कानून का उल्लंघन नहीं है?

पंचनामा के बाद भी सामग्री हटाने की अनुमति किसने दी?

क्या सरकारी कार्रवाई और पंचनामा का कोई महत्व नहीं रह गया?

यदि ट्रैक्टर का उपयोग कथित अवैध परिवहन में हुआ, तो क्या उस वाहन की भी जांच और जब्ती होगी?

क्या गरीब परिवार की आजीविका छीनने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी?

जांच में आरोप सिद्ध होने पर संभावित कानूनी धाराएं (BNS)

यदि पुलिस जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो परिस्थितियों के अनुसार निम्न धाराएं लागू हो सकती हैं—

BNS धारा 303 – चोरी।

BNS धारा 324(5) – शरारत (Mischief) द्वारा संपत्ति को नुकसान पहुंचाना।

BNS धारा 351 – आपराधिक धमकी (यदि धमकाया गया हो)।

BNS धारा 3(5) – समान उद्देश्य से सामूहिक रूप से अपराध करना (यदि कई लोग शामिल हों)।

साक्ष्य मिटाने या सरकारी सुपुर्दगी में रखी वस्तु से छेड़छाड़ से संबंधित अन्य प्रावधान भी जांच के आधार पर लागू हो सकते हैं।

ध्यान दें: कौन-सी धाराएं अंतिम रूप से लगेंगी, यह पुलिस जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन के निर्णय पर निर्भर करेगा।

दीनदयाल की मांग

दोषियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।

ट्रैक्टर और घटना में प्रयुक्त अन्य साधनों की जांच की जाए।

पंचायत की सुपुर्दगी से बांस हटाने की जिम्मेदारी तय की जाए।

गरीब परिवार को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।

पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

(यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों एवं पंचनामा की प्रति पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि सक्षम प्रशासन एवं पुलिस जांच के बाद ही होगी।)

Rajkumar