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हलचल डीईओ जशपुर का बड़ा आदेश, 48 घंटे में चल-अचल संपत्ति का पूरा विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश


  • भृत्य कर्मचारियों की संपत्ति जांच शुरू — 5 साल का हिसाब मांगा, विभाग में बढ़ी हलचल
  • 📍 जशपुर, छत्तीसगढ़ | राजकुमार की विशेष रिपोर्ट | RK GLOBAL NEWS
    जशपुर जिले के शिक्षा विभाग में उस समय अचानक हलचल तेज हो गई जब जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय से नियमित भृत्य संवर्ग “डी” एवं “ई” कर्मचारियों की चल-अचल संपत्ति का विस्तृत विवरण मांगे जाने संबंधी आदेश जारी कर दिया गया। आदेश जारी होते ही पूरे शिक्षा विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और कर्मचारी वर्ग में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

  • जारी पत्र क्रमांक 546 / शिक्षा स्थापना 03 / 2026-27 दिनांक 11 मई 2026 में जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों तथा हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि सूची में शामिल कर्मचारियों की पिछले पांच वर्षों (2021-22, 2022-23, 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26) की चल एवं अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा मात्र 02 दिनों के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया जाए।
    इस आदेश के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के भीतर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो यह कार्रवाई केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे विभागीय पदोन्नति, वरिष्ठता सूची तथा संपत्ति सत्यापन से जोड़कर देखा जा रहा है। यही वजह है कि आदेश जारी होते ही संबंधित कर्मचारियों में बेचैनी बढ़ गई है।

  • सूची में जिले के कई विकासखंडों — पत्थलगांव, कुनकुरी, बगीचा, मनोरा, फरसाबहार, कांसाबेल और जशपुर क्षेत्र — के कर्मचारियों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। कई कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता, पदस्थापना स्थल एवं वर्गवार जानकारी भी सूची में दर्ज की गई है। आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि संबंधित कर्मचारियों का संपत्ति विवरण पदोन्नति प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड के साथ प्रस्तुत किया जाना है।
    🔥 विभाग में उठ रहे बड़े सवाल
    इस आदेश के बाद अब कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं—
    👉 क्या शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर संपत्ति सत्यापन अभियान चलने वाला है?
    👉 क्या कर्मचारियों की आय और संपत्ति का मिलान किया जाएगा?
    👉 क्या विभागीय पदोन्नति से पहले आर्थिक स्थिति की जांच होगी?
    👉 क्या किसी शिकायत या गोपनीय जांच के आधार पर यह कार्रवाई शुरू हुई है?
    हालांकि विभाग की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन अचानक जारी हुए इस आदेश ने कर्मचारियों के बीच असहज स्थिति पैदा कर दी है।

  • 📑 वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई प्रतिलिपि
    इस आदेश की प्रतिलिपि केवल विकासखंड शिक्षा अधिकारियों तक सीमित नहीं रखी गई, बल्कि इसे उच्च स्तर के अधिकारियों तक भी भेजा गया है। इनमें —
    ✔ संचालक लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर
    ✔ संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सरगुजा संभाग
    ✔ कलेक्टर जशपुर
    ✔ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जशपुर
    शामिल हैं।
    इससे यह माना जा रहा है कि मामला केवल आंतरिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि उच्च प्रशासनिक स्तर पर भी इस पर नजर रखी जा रही है।
    📌 कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
    सूत्रों के अनुसार कई कर्मचारी अब अपने पुराने दस्तावेज, जमीन संबंधी रिकॉर्ड, बैंक विवरण एवं अन्य संपत्ति दस्तावेज जुटाने में लग गए हैं। दो दिन की कम समय-सीमा को लेकर भी कर्मचारियों में नाराजगी की चर्चा सामने आ रही है। कई लोगों का कहना है कि पांच वर्षों का पूरा रिकॉर्ड इतनी जल्दी एकत्र करना आसान नहीं होगा।
    ⚠️ क्या आने वाले दिनों में होंगे बड़े खुलासे?
    शिक्षा विभाग में जारी इस कार्रवाई को लेकर जिले में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। अगर संपत्ति विवरण की गहन जांच होती है तो आने वाले दिनों में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल सभी की नजर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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Rajkumar