
RK GLOBAL NEWS राजकुमार विशेष रिपोर्ट जशपुर, 13 जुलाई। आदिम जाति कल्याण विभाग, जिला जशपुर द्वारा शासकीय प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास, लवाकेरा के संचालन को और अधिक प्रभावी एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया गया है। कलेक्टर कार्यालय (आदिम जाति कल्याण शाखा) द्वारा जारी आदेश क्रमांक 1052/छात्रा.स्था./आ.जा.क./2026-27 के तहत राजकुमार साय पैंकरा को आगामी आदेश तक शासकीय प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास, लवाकेरा का प्रभारी अधीक्षक नियुक्त किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार राजकुमार साय पैंकरा वर्तमान में उच्च वर्ग शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, खारीबहार, विकासखंड फरसाबहार, जिला जशपुर में पदस्थ हैं। उन्हें छात्रावास के सफल एवं सुचारु संचालन की दृष्टि से यह अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।
नई दिशा
आदेश में उल्लेख किया गया है कि छात्रावास में विद्यार्थियों के शैक्षणिक, अनुशासनात्मक एवं दैनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए यह प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। विभाग का मानना है कि अनुभवी शिक्षक होने के कारण राजकुमार साय पैंकरा अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करते हुए छात्रावास की व्यवस्थाओं को नई दिशा देंगे।
देवनारायण राम (व्याख्याता) को उनके मूल पदस्थापन
इसी आदेश के तहत वर्तमान प्रभारी अधीक्षक देवनारायण राम (व्याख्याता) को उनके मूल पदस्थापन संस्था शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लवाकेरा में वापस भेज दिया गया है। इस प्रकार छात्रावास के प्रशासनिक दायित्व का हस्तांतरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी का वेतन एवं भत्ते का आहरण उनके मूल पदस्थापन संस्थान से ही किया जाएगा। अर्थात प्रभारी अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बावजूद उनकी मूल सेवा शर्तों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
कलेक्टर महोदय की स्वीकृति
कलेक्टर महोदय की स्वीकृति से जारी इस आदेश पर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, जशपुर के हस्ताक्षर हैं तथा इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, कलेक्टर जशपुर, जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी फरसाबहार, मंडल संयोजक, संबंधित विद्यालयों एवं छात्रावास सहित अन्य संबंधित कार्यालयों को आवश्यक कार्रवाई एवं पालनार्थ भेजी गई है।
सकारात्मक दृष्टि
शिक्षा जगत एवं स्थानीय क्षेत्र में इस नियुक्ति को सकारात्मक दृष्टि से देखा जा रहा है। क्षेत्र के शिक्षकों एवं जनप्रतिनिधियों का मानना है कि छात्रावास में अनुशासन, नियमित निगरानी, विद्यार्थियों की पढ़ाई, भोजन व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार की दिशा में यह निर्णय उपयोगी साबित हो सकता है।
प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास, लवाकेरा
प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास, लवाकेरा आदिवासी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है, जहां दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र रहकर अध्ययन करते हैं। ऐसे में प्रभारी अधीक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। छात्रावास की सुरक्षा, विद्यार्थियों का स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण भोजन, समयबद्ध अध्ययन, खेलकूद एवं अनुशासन जैसी व्यवस्थाओं की निगरानी सीधे प्रभारी अधीक्षक के अधीन रहती है।
मंडल संयोजक लालदेव भगत 2 टूक
शिक्षा विभाग के लालदेव भगत का कहना है कि यदि छात्रावास का संचालन पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से किया जाए तो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उल्लेखनीय सुधार देखा जा सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विभाग समय-समय पर प्रशासनिक फेरबदल करता है ताकि संस्थानों का संचालन बेहतर ढंग से हो सके।
अभिभावकों ने भी उम्मीद जताई
स्थानीय नागरिकों एवं अभिभावकों ने भी उम्मीद जताईहै कि नए प्रभारी अधीक्षक के कार्यभार संभालने के बाद छात्रावास में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा उनकी शैक्षणिक प्रगति को प्राथमिकता दी जाएगी। विद्यार्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए छात्रावास की सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने की अपेक्षा व्यक्त की गई है।
राजकुमार साय पैंकरा की नियुक्ति
राजकुमार साय पैंकरा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब आदिवासी छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर शासन विशेष रूप से संवेदनशील है और विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। विभाग द्वारा जारी यह आदेश इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि छात्रावासों की नियमित समीक्षा, निरीक्षण तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभाग भविष्य में भी आवश्यकतानुसार इसी प्रकार के निर्णय ले सकता है। फिलहाल लवाकेरा छात्रावास में नए प्रभारी अधीक्षक की नियुक्ति से क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है कि विद्यार्थियों को बेहतर प्रबंधन एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का लाभ मिलेगा।














