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जनपद पंचायत फरसाबहार के आधार सेंटर पर सवाल: सोमवार को बंद मिला केंद्र, हितग्राहियों की उम्मीदों पर फिरा पानी


जिले के आधार अधिकारी से जवाब तलब: सरकारी कार्यालय में संचालित आधार केंद्र यदि कार्य दिवस पर बंद रहा तो जिम्मेदार कौन?

RK GLOBAL NEWS राजकुमार विशेष रिपोर्ट फरसाबहार (जशपुर)। जनपद पंचायत फरसाबहार परिसर में संचालित आधार सेवा केंद्र एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। सोमवार, जो कि सामान्य सरकारी कार्य दिवस होता है, उस दिन आधार केंद्र बंद मिलने से आधार बनवाने, संशोधन कराने और अन्य सेवाओं के लिए दूर-दराज़ से पहुंचे लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि वे सुबह से लंबी दूरी तय कर आधार संबंधी कार्य कराने पहुंचे थे, लेकिन केंद्र बंद मिला।

आधार ऑपरेटर रघुनाथ चक्रेश सेंटर से लापता

स्थानीय लोगों के अनुसार आधार केंद्र में आधार ऑपरेटर के रूप में रघुनाथ चक्रेश कार्यरत हैं। जब केंद्र बंद मिलने पर फोन के माध्यम से संपर्क किया गया तो बताया गया कि वे मेडिकल कार्य से बाहर हैं। हालांकि, सवाल यह उठता है कि यदि किसी कारणवश ऑपरेटर उपलब्ध नहीं थे, तो क्या केंद्र को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के बंद रखना उचित था?

महत्वपूर्ण सेवा

आधार जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण सेवा आज प्रत्येक नागरिक की आवश्यकता बन चुकी है। बैंक खाता, राशन कार्ड, पेंशन, छात्रवृत्ति, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि सहित अनेक सरकारी योजनाओं का लाभ आधार से जुड़ा हुआ है। ऐसे में कार्य दिवस पर आधार केंद्र बंद रहने से आम नागरिकों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने बताया कि कई लोग मजदूरी छोड़कर, किराया खर्च कर और घंटों का समय निकालकर आधार केंद्र पहुंचे थे। किसी का मोबाइल नंबर अपडेट कराना था, किसी को बच्चों का नया आधार बनवाना था तो किसी को बायोमेट्रिक अपडेट कराना था। लेकिन केंद्र बंद होने के कारण सभी को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा।

 नोटिस बाहर क्यों नहीं चस्पा

जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ऑपरेटर को अवकाश लेना था या किसी आवश्यक कार्य से बाहर जाना था, तो इसकी पूर्व सूचना कार्यालय के बाहर चस्पा की जानी चाहिए थी, अथवा किसी वैकल्पिक ऑपरेटर की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बच सकता था।

नागरिको का  मानना है कि आधार सेवा अब सामान्य सुविधा नहीं बल्कि आवश्यक सार्वजनिक सेवा बन चुकी है। इसलिए इसके संचालन में नियमितता, समयपालन और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे आम जनता को प्रभावित करती है।

जनपद पंचायत CEO मौन

स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि जनपद पंचायत परिसर में संचालित आधार केंद्र के संचालन की नियमित निगरानी की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित समय पर केंद्र खुले तथा नागरिकों को बिना अनावश्यक परेशानी के सेवाएं मिल सकें।

जिले के आधार अधिकारी से प्रमुख सवाल

सोमवार जैसे सरकारी कार्य दिवस पर आधार केंद्र बंद क्यों था?

क्या ऑपरेटर के अवकाश की पूर्व अनुमति ली गई थी?

क्या केंद्र बंद रहने की सूचना कार्यालय में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की गई थी?

क्या वैकल्पिक ऑपरेटर की व्यवस्था की गई थी?

बंद रहने से प्रभावित नागरिकों की जिम्मेदारी कौन तय करेगा?

क्या इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी?

ग्रामीणों का कहना है कि आधार जैसी महत्वपूर्ण सेवा में इस प्रकार की लापरवाही जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करानी चाहिए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

अब सभी की निगाहें जिला आधार अधिकारी, जशपुर पर हैं कि वे इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं, क्या जांच कराते हैं और आम नागरिकों को निर्बाध आधार सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

Rajkumar