
39 वर्षों से आस्था और सेवा का प्रतीक बना हनुमान टेकरी मंदिर, युवा समिति ने किया 100 पौधों का वृक्षारोपण
RK GLOBAL NEWS राजकुमार विशेष रिपोर्ट फरसाबहार। तहसील कॉलोनी फरसाबहार स्थित हनुमान टेकरी मंदिर क्षेत्र की आस्था, एकता और सामाजिक सहभागिता का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। लगभग 39 वर्ष पूर्व गांव की रक्षा और धार्मिक आस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से जिन लोगों ने हनुमान मंदिर की स्थापना की थी, उनकी श्रद्धा और समर्पण आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

हनुमान टेकरी मंदिर की स्थापना में स्वर्गीय साधव पात्रे, स्वर्गीय सुब्रन यादव, इन्द्रनाथ सिंह, अशोक कुमार नागेश्री, सुखराम प्रधान, कृष्णा राम मिस्त्री, हरिहर दास चौहान, सचिव निषाद, त्रिवोचन यादव सहित अनेक श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं वीरेंद्र जायसवाल का सहयोग भी हमेशा इस धार्मिक एवं सामाजिक कार्य में बना रहा। इन सभी के प्रयासों से लगभग चार दशक पहले स्थापित यह मंदिर आज तहसील कॉलोनी सहित आसपास के लोगों की श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बन गया है।
हनुमान टेकरी में गूंजा बजरंग बली का जयघोष
रविवार को हनुमान टेकरी मंदिर परिसर में युवा समिति तहसील कॉलोनी फरसाबहार के नेतृत्व में विशेष सामाजिक एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में करीब 100 पौधों का वृक्षारोपण किया गया।
युवाओं ने पौधों को केवल रोपित ही नहीं किया, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी लिया। मंदिर परिसर में पौधारोपण के दौरान पूरा वातावरण धार्मिक एवं भक्तिमय नजर आया। युवाओं और उपस्थित लोगों ने भगवान बजरंग बली की गाथा और जयकारे लगाते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
धर्म के साथ पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश
हनुमान टेकरी में आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी सुंदर उदाहरण बना। युवा समिति ने यह संदेश दिया कि मंदिर केवल पूजा-पाठ का स्थान नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने का केंद्र भी होना चाहिए।
हनुमान जी को शक्ति, साहस, सेवा और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इसी भावना से प्रेरित होकर युवाओं ने मंदिर परिसर को हराभरा बनाने की पहल की है। 100 पौधों का रोपण आने वाले वर्षों में न केवल मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

युवा समिति के सदस्यों का कहना है कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाएगी और भविष्य में भी मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में पौधारोपण अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।
पुरखों की आस्था को युवाओं ने दी नई दिशा
हनुमान टेकरी मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी नींव रखने वाली पुरानी पीढ़ी की धार्मिक भावना को आज की युवा पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। लगभग 39 वर्ष पहले जिन लोगों ने गांव और क्षेत्र की सुख-शांति तथा सुरक्षा की भावना से मंदिर की स्थापना की थी, उसी आस्था को युवाओं ने सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ दिया है।
यह पहल बताती है कि परंपरा और आधुनिक सोच का सुंदर मेल समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। एक ओर जहां मंदिर में भगवान बजरंग बली की भक्ति और पूजा की परंपरा कायम है, वहीं दूसरी ओर युवा पीढ़ी पौधारोपण जैसे सामाजिक कार्यों के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण तैयार करने का प्रयास कर रही है।
बड़ी संख्या में युवा एवं नागरिक रहे उपस्थित
वृक्षारोपण एवं धार्मिक कार्यक्रम में रामप्रसाद चौहान, लोकेश्वर नागेश्री, आशीष प्रधान, सनी, मोहन डॉन, रामसागर, अंश प्रधान, विवेक चौहान, करण पात्रे, राजकुमार कंद्रा, दीपक, भजन नागेश्री, अमित, लालेश्वर भगत, टीकम यादव, लम्बू यादव, शैलेन्द्र प्रधान, विजय प्रधान, शिवनंदन, रामनंदन, भूषण तिर्की, कृष्णा यादव, अभिषेक कंद्रा, आकाश, जालंधर, बिरजू, पाकू, रविकांत, छोटू, खेमू अंकित कोरवा सहित बड़ी संख्या में युवा एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में युवाओं ने सामूहिक रूप से पौधों को जमीन में रोपित किया और उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान हनुमान टेकरी परिसर में “जय श्री राम” और “जय बजरंग बली” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।
युवा समिति की पहल बनी चर्चा का विषय
तहसील कॉलोनी फरसाबहार की युवा समिति द्वारा किया गया यह आयोजन स्थानीय स्तर पर युवाओं की सकारात्मक भूमिका का उदाहरण बनकर सामने आया है। समिति ने धार्मिक आयोजन को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए यह साबित किया कि युवा यदि संगठित होकर कार्य करें तो समाज में बड़े बदलाव की शुरुआत स्थानीय स्तर से ही की जा सकती है।
स्थानीय लोगों ने युवा समिति की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि हनुमान टेकरी मंदिर से जुड़ी 39 वर्ष पुरानी आस्था को युवाओं ने नई ऊर्जा दी है। मंदिर परिसर में लगाए गए 100 पौधे आने वाले समय में इस स्थान की पहचान को और मजबूत करेंगे।
39 साल पुरानी आस्था, नई पीढ़ी का संकल्प
हनुमान टेकरी मंदिर की कहानी केवल एक मंदिर की स्थापना की कहानी नहीं है, बल्कि यह आस्था, सेवा, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी की 39 वर्ष पुरानी यात्रा है। जिन लोगों ने वर्षों पहले मंदिर की नींव रखी, उनके योगदान को याद करते हुए आज की युवा पीढ़ी ने उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।
हनुमान टेकरी में गूंजता बजरंग बली का जयघोष और परिसर में लहलहाते 100 पौधे आने वाले समय में इस बात की गवाही देंगे कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण और समाज की सेवा भी की जा सकती है
युवा समिति तहसील कॉलोनी फरसाबहार की यह पहल निश्चित रूप से अन्य युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश है—भक्ति के साथ प्रकृति की रक्षा और आस्था के साथ समाज की सेवा ही सच्ची जनसेवा है।
जय बजरंग बली। 🚩
जय श्री राम। 🚩














