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एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय फरसाबहार प्राचार्य तिलक कुंवर पर गंभीर आरोपों की शिकायत, जांच कर कड़ी कार्रवाई की उठी मांग


 

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय फरसाबहार प्राचार्य तिलक कुंवर पर गंभीर आरोपों की शिकायत, जांच कर कड़ी कार्रवाई की उठी मांग

 

 

जशपुर।  फरसाबहार राजकुमार की विशेष रिपोर्ट RK GLOBAL NEWS एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय फरसाबहार के प्राचार्य तिलक कुंवर के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को एक लिखित शिकायत सौंपे जाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि विद्यालय के संचालन एवं प्रशासनिक कार्यों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। शिकायत के समर्थन में दस्तावेज, फोटो तथा अनेक लोगों के हस्ताक्षर भी प्रस्तुत किए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में कहा गया है

शिकायत में कहा गया है कि विद्यालय के संचालन से जुड़े कई मामलों में नियमों का पालन नहीं किया गया तथा इससे विद्यार्थियों और विद्यालय की व्यवस्था प्रभावित हुई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई बिंदुओं पर प्रशासन का तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है। उन्होंने मांग की है कि संबंधित अभिलेखों, दस्तावेजों एवं वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

पत्ता गोभी सड़ा गला 

अभिभावक का कहना है कि उन्होंने केवल मौखिक शिकायत नहीं की है, बल्कि अपने आरोपों के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य सामग्री भी प्रशासन को उपलब्ध कराई है। उनका दावा है कि प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। शिकायत के साथ कई लोगों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता व्यक्त की जा रही है।

प्रशासन से मांग

ग्रामीणों एवं शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी प्रकार के दबाव या प्रभाव से मुक्त होकर जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा है कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता बच्चों के भविष्य से जुड़ा विषय है। इसलिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध जांच करानी चाहिए। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच से न केवल सच्चाई सामने आएगी बल्कि आम लोगों का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होगा।

खाने के थाली में कीड़ा 

स्थानीय लोगों के अनुसार, शिकायत सौंपे जाने के बाद अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर आवश्यक निर्णय लेंगे। यदि जांच में आरोप निराधार पाए जाते हैं तो संबंधित पक्ष को भी इसका लाभ मिलेगा, जबकि आरोप सिद्ध होने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पनीर  केवल नाम का

उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले में अभी तक सक्षम प्राधिकारी द्वारा जांच पूरी कर कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोप वर्तमान में आरोप मात्र हैं, जिनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा, ताकि समाचार संतुलित एवं निष्पक्ष बना रहे।

अभिभावकों साक्ष्यों व हस्ताक्षरों के साथ सौंपा ज्ञापन, संबंधित प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग

संबंधित मामले को ले कर  अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपे जाने का दावा किया गया है।

शिकायत के साथ कई दस्तावेज, फोटो एवं हस्ताक्षरयुक्त समर्थन सूची संलग्न की गई है।

शिकायतकर्ताओं ने आरोपों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

शिकायत में प्रशासन से पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर शिकायत का समर्थन किया है।

शिकायतकर्ताओं ने कहा कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि लोगों के बीच पारदर्शिता बनी रहे।

प्रशासन से दोषियों पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।

मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

 

Rajkumar